मेरा हृदय कटोरे की तरह नहीं भरता। वह एक अनंत ब्रह्मांड की तरह फैलता है।

पेम्बा उमोजा द्वारा एक सूक्ति

कविता “तारों की रोशनी” से

मेरा हृदय कटोरे की तरह नहीं भरता। वह एक अनंत ब्रह्मांड की तरह फैलता है।
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