हो न हो, ब्रह्मांड का सबसे सुंदर ग्रह ही मेरा घर है।

पेम्बा उमोजा द्वारा एक सूक्ति

कविता “तुलना?” से

हो न हो, ब्रह्मांड का सबसे सुंदर ग्रह ही मेरा घर है।
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