{"seoTitle":"तंबोरेस की ताल - पेम्बा उमोजा द्वारा रचित एक कविता","seoDescription":"पेम्बा उमोजा की एक कविता जो उरुग्वे और अर्जेंटीना में दोस्तों के समुद्र किनारे चांदनी रात में तंबोरेस की ताल पर नाचने के बारे में है।","keywords":"तंबोरेस की ताल कविता, तंबोरेस कविता, उरुग्वे अर्जेंटीना कविता, चांदनी रात नृत्य कविता, आनंदमय कविता, पेम्बा उमोजा की कविताएँ","line1":"आओ सखा, मेरा गाल चूम लो!","line2":"एक बार उरुग्वे में।","line3":"दो बार अर्जेंटीना में।","line4":"तीन बार या ज़्यादा, अगर मस्ती","line5":"तुम पर छा जाए।","line6":"आओ नाचो, झूमो, घूमो इस","line7":"चाँदनी में, इस लय पर","line8":"तंबोरेस की।","line9":"यह लय गूँजती है; इसे विस्तार पाने दो","line10":"तुम्हारी आत्मा की सरहदों को—","line11":"तुम पर छा जाए, तुम्हारी जगह ले ले, तुम ही बन जाए।","line12":"आओ सखा, मेरा गाल चूम लो!","line13":"उरुग्वे के समुद्र किनारे—","line14":"el sol, la vida,","line15":"तंबोरेस की ताल।"}