{"seoTitle":"सवाल — प्रेम, क्षमा और स्वयं पर एक सरल कविता","seoDescription":"प्रेम, क्षमा और स्वयं के प्रति ईमानदार होने के बारे में एक संक्षिप्त, प्रश्नात्मक कविता। पेम्बा उमोजा की एक चिंतनशील रचना।","keywords":"प्रेम और क्षमा पर कविता, सवाल कविता, संवाद कविता, सरल कविता, पेम्बा उमोजा कविताएँ","s1q":"क्या तुम उस स्त्री से प्यार करते हो?","s1a":"हाँ।","s2q":"क्या तुम उस पुरुष से प्यार करते हो?","s2a":"हाँ।","s3q":"क्या वह कभी-कभी तुम्हें खिझाती है?","s3a":"हाँ।","s4q":"और वह पुरुष?","s4a":"हाँ।","s5q":"क्या तुम कभी खुद से ही चिढ़ जाते हो?","s5a":"हाँ।","s6q":"खुद पर नाराज़?","s6a":"आगबबूला।","s7q":"क्या वह कभी तुम्हें खुश करती है?","s7a":"सातवें आसमान पर।","s8q":"और वह पुरुष?","s8a":"हाँ।","s9q":"क्या तुम खुद को क्षमा करते हो?","s9a":"कभी-कभी।","s10q":"क्या तुम उस स्त्री को क्षमा करते हो?","s11q":"क्या तुम उस पुरुष को क्षमा करते हो?","s11a":"कभी-कभी।","s12q":"क्या तुम यह सब फिर से करोगे?","s13q":"क्या तुम कोई और जीवन चाहोगे?","s14q":"क्या तुम्हें लगता है कि वह बेहतर होता?"}