{"seoTitle":"लागो फ़्रियो - पेम्बा उमोजा की एक कविता","seoDescription":"पेम्बा उमोजा द्वारा लागो फ़्रियो (ठंडी झील) नामक एक झील पर लिखी गई कविता, जहाँ गर्मियों में गल एक हिमनद के नीचे झिलमिलाते, पिघले हुए पन्ने जैसे पानी पर धूप सेंकते हैं।","keywords":"लागो फ़्रियो कविता, ठंडी झील कविता, हिमनद झील कविता, ग्रीष्मकालीन झील पर कविता, प्रकृति कविता, पेम्बा उमोजा की कविताएँ","line1":"जिसने भी इसका नाम 'ठंडी झील' रखा","line2":"वह गर्मियों में यहाँ नहीं था","line3":"जब गल आते हैं","line4":"गर्मियों की किरणों में धूप सेंकने","line5":"पिघली हुई पन्ने सी झील पर","line6":"हिमनद के नीचे झिलमिलाती हुई"}