{"line1":"मैं लंबे समय से जिया हूँ","line2":"एक चक्रवात के उन्माद में।","line3":"बहुत बाद तक","line4":"उसके रोष में","line5":"मुझे अब भी रहना है।","line6":"लेकिन एक क्षण भर के लिए","line7":"जब उसकी आँख","line8":"मेरे ऊपर से गुज़री","line9":"मैंने सब कुछ साफ़ देखा।","seoTitle":"चक्रवात — जीवन के तूफ़ानों में स्पष्टता पर एक कविता","seoDescription":"जीवन के तूफ़ानों को सहने और चक्रवात के केंद्र में मिलने वाली स्पष्टता के अनमोल क्षण पर एक शक्तिशाली कविता — पेम्बा उमोजा द्वारा।","keywords":"चक्रवात कविता, तूफ़ान पर कविता, स्पष्टता पर कविता, तूफ़ान का केंद्र, जुझारूपन की कविता, पेम्बा उमोजा की कविता"}