हाइड्रेंट
शहर की एक भीड़भाड़ वाली सड़क
जैकब्स परिवार देहात की सैर पर गया था। वे शहर की एक भीड़भाड़ वाली सड़क पर रहते थे। सारे घर एक-दूसरे से सटे हुए थे और अनाज के विशाल गोदामों जैसे दिखते थे, जो कई-कई ब्लॉकों में फैले हों।
लौटने पर उन्होंने देखा कि एक चमचमाती एसयूवी अग्निशमन हाइड्रेंट के सामने रास्ता रोके खड़ी थी।
श्री जैकब्स नगर प्रशासन को फ़ोन करने वाले थे। उन्हें थोड़ी चिंता थी कि किसी आपात स्थिति में दमकल विभाग हाइड्रेंट तक नहीं पहुँच पाएगा।
“सोचता हूँ, नगर प्रशासन को फ़ोन कर दूँ,” उन्होंने सुझाया।
“ऐसा करने की सोचना भी मत,” उनकी पत्नी ने डाँटा। “वे हमारे पड़ोसी हैं। सड़क के उस पार रहते हैं।”
“वे तो स्ट्रॉलर वाले मिलनसार डॉक्टर हैं,” उनके बेटे ने कहा।
“नहीं, वे नहीं हैं,” श्री जैकब्स ने जवाब दिया। “उनके पास दूसरी गाड़ी है।”
फिर भी, श्री जैकब्स ने नगर प्रशासन को फ़ोन न करने का फ़ैसला किया। वे अपने परिवार की गरमी नहीं झेल पाए।
सांचेज़ परिवार जैकब्स परिवार की इमारत से सटी इमारत की तीसरी मंज़िल पर एक कॉन्डो किराए पर लेकर रहता था।
श्रीमती सांचेज़ काम के सिलसिले में बाहर गई हुई थीं। श्री सांचेज़ अपने पसंदीदा शकरकंद के फ़्राइज़ बनाने वाले थे। श्रीमती सांचेज़ घर पर होती थीं तो कभी इसकी इजाज़त नहीं देती थीं। उन्हें हर तरफ़ तेल के छींटे पड़ना पसंद नहीं था।
शकरकंद के फ़्राइज़ चूल्हे पर थे, तभी श्री सांचेज़ के नियोक्ता का फ़ोन आया। पास ही एक छत के डेक से जुड़ी कोई समस्या थी। उन्होंने चार्ट देखने के लिए अपना फ़ोन देखा।
तभी उछलते हुए तेल में आग लग गई और चूल्हा जल उठा। श्री सांचेज़ ने फ़ोन गिरा दिया और अग्निशामक यंत्र ढूँढ़ने लगे। उन्हें याद नहीं आ रहा था कि वह कहाँ रखा था। आग रसोई की मेज़ पर भड़कती हुई फैल गई और सफ़ेद मेज़पोश को लीलने लगी। सब कुछ धीमी गति से घट रहा था, जबकि चिंगारियाँ और धुआँ हवा में भर रहे थे।
श्री सांचेज़ ने सोफ़े से किटी को उठाया और बाहर भागे। लपटों ने इमारत की चौथी मंज़िल को घेर लिया और फिर नाचती हुई दोनों ओर की सटी इमारतों तक पहुँच गईं।
श्री जैकब्स शॉवर के नीचे नहा रहे थे। भाप के ऊपर से उन्हें हल्की चीखें सुनाई दीं। बाथटब के आसपास भाप के अलावा भी कुछ घूमता हुआ लग रहा था।
उन्होंने पानी बंद किया और बाथरूम के दरवाज़े को छुआ। वह तप रहा था। धुएँ ने भाप की जगह ले ली।
वे साँस लेने के लिए हाँफने लगे। उन्होंने शॉवर फिर खोल दिया। छत टूटकर बाथटब के भीतर आ गिरी।
दमकल की गाड़ियाँ सड़क के चक्कर लगा रही थीं। वे अग्निशमन हाइड्रेंट तक नहीं पहुँच पा रही थीं।
श्री जैकब्स अब और गरमी नहीं झेल पाए, जब उनके नीचे से बाथटब गिर गया।
A story by Pemba Umoja