गिरना
दिल की फिसलन
"आज मैं बर्फ़ पर गिर गया।"
"हाँ? तो क्या हुआ?"
"दर्द हुआ।"
"हाँ, आमतौर पर होता ही है। यहाँ लोग गिरते रहते हैं।"
"अच्छा हुआ कि पट्टी मिल गई।"
"हाँ, जब यहाँ रहो, तो यह तो होना ही है।"
"सात महीने की सर्दी?"
"हाँ, सात महीने की सर्दी। बर्फ़, हिमपात, ओले, जमा देने वाला तापमान।"
"अच्छा?"
"अच्छा? अगर पसंद नहीं, तो यहाँ रह क्यों रहे हो?"
"अरे, लंबी कहानी है।"
"मेरे पास समय है।"
"क्योंकि मैं प्यार में पड़ गया।"
"तुम्हें सच में बहुत प्यार होगा।"
"शायद होगा ही। उस वक़्त उस पर बुरी तरह गिरा था। और आज फिर गिर गया। आउच।"
A story by Pemba Umoja