अजनबी से अजनबी

वह जिसने ग़ौर किया

अजनबी से अजनबी — a story by Pemba Umoja

रॉजर छोटे नीले गोले पर उतरा। उसके सेनापतियों ने इसे कुछ प्रकाश वर्ष पहले देखा था।

एयरोइडाइट्स के अनुसार, रॉजर के ग्रह के निवासियों के अनुसार, एक क्वाड्रिलियन, नौ सौ छत्तीस ट्रिलियन, दो सौ बत्तीस अरब, नौ सौ छप्पन करोड़, चौहत्तर लाख तिहत्तर हज़ार दो ग्रह हैं जो जीवन को सहारा दे सकते हैं। यह छोटा नीला गोला उनकी गणना के अनुसार संख्या 1,936,232,956,473,003 था।

यह एक और नियमित जीवन-प्रणाली-समर्थक ग्रह मिशन था—रॉजर का 10,791वाँ, लेकिन उसने अभी भी खोज का उत्साह नहीं खोया था।

बहुत से ग्रह लाल, नारंगी, यहाँ तक कि बैंगनी होते हैं। "क्या आप एक बैंगनी ग्रह की कल्पना कर सकते हैं?" रॉजर ने सोचा। लेकिन रॉजर का पसंदीदा रंग नीला था। वह इस छोटे नीले गोले पर आने को लेकर उत्साहित था, ख़ासकर इसलिए क्योंकि उसके मॉनिटर ने पुष्टि की थी कि यहाँ कोई कष्टकारी एक-हज़ार-मील-प्रति-घंटे की हवा और धूल भरे तूफ़ान नहीं थे।

रॉजर एक शानदार दिन उतरा। फूले हुए बादल आकाश में बिखरे हुए थे। विशाल पेड़ तालाबों और घास के ऊपर फैले हुए थे, छाया प्रदान करते हुए।

"आह, पेड़," रॉजर ने आह भरी। उसके ग्रह पर अब पेड़ नहीं थे।

उसने सबसे पहले एक पेड़ को गले लगाया—और चूमा भी।

एक छोटा जीव प्रकट हुआ।

"गिलहरियाँ," उसके मॉनिटर ने बताया।

"तुम सेंट्रल पार्क नामक जगह में हो," मॉनिटर ने रॉजर के कान में कहा।

सैकड़ों लोग पेड़ों के नीचे और फूलों के बगल में कंबल बिछाए बैठे थे। सभी के पास अजीबोग़रीब छोटे उपकरण थे।

"आईफ़ोन," मॉनिटर ने बताया। "दो सहस्राब्दी पहले की पुरानी तकनीक," उसने समझाया।

रॉजर ने दोबारा देखा। बच्चे भी इन छोटे उपकरणों पर थे।

केवल एक व्यक्ति इसे नहीं पकड़े हुई थी—एक छोटी लड़की जो सीधे रॉजर को घूर रही थी।

वह उसके पास गया। मॉनिटर स्थानीय बोली में अनुवाद करेगा।

"नमस्ते, मेरा नाम रॉजर है," उसने कहा।

"नमस्ते, मेरा नाम सिंथिया है," उसने जवाब दिया।

"सुंदर दिन है। क्या हमेशा ऐसा ही होता है?"

"हाँ। गर्मी है, बुद्धू," वह हँसी।

"ये सारे लोग उन छोटे उपकरणों से क्या कर रहे हैं?" रॉजर ने पूछा।

"मुझे नहीं पता," उसने कहा। "मेरे पास तो नहीं है।"

रॉजर मुस्कुराया। "ख़ैर, वे जो भी कर रहे हों, तुम उनसे कहीं ज़्यादा देख रही हो।"

विशाल पेड़ धीरे से उनके ऊपर विश्राम कर रहे थे, छाया प्रदान करते हुए। एक मंद हवा उन्हें जलकुंभी की सुगंध से घेर रही थी जबकि बाक़ी दुनिया मंत्रमुग्ध बनी रही।

"प्यारे एंटीना," उसने फुसफुसाया। "बिलकुल 1990 के दशक वाले।"

"शुक्रिया," रॉजर कान से कान तक मुस्कुराया। "बहुत ख़ुशी हुई कि तुमने ग़ौर किया।"

A story by Pemba Umoja