तुम्हारे साथ
दो जहानों का कोमल मिलन
कभी-कभी
मैं तुम्हारे साथ चलता हूँ।
तुम नहीं जानते,
पर मैं जानता हूँ।
हमने कभी नहीं
मुस्कराना
और हँसना
बंद किया है
पर समय और स्थान
हमें
अलग दुनियाओं में रखते हैं
जिन्हें केवल एक दिल
ही पार कर सकता है।
A poem by Pemba Umoja