हवा

हवा पर ले जाए गए संदेश

हवा — a poem by Pemba Umoja

हवा हमेशा संदेश लेकर आती है।

क्या तुम्हें याद नहीं आता बचपन में,

बिस्तर पर लेटे हुए,

पंखों की गुनगुनाहट,

खुली खिड़कियों से आती हवा,

पेड़ों की सरसराहट?

हवा गरजती है,

वह गुनगुनाती है,

वह हमेशा बोलती है,

पर क्या तुम अभी भी सुनते हो

जैसे वह बच्चा कभी सुनता था?

क्या तुम अभी भी इसकी फुसफुसाहट सुनते हो?

Pemba Umoja की एक कविता

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