जब एक जुगनू तुम्हारी बाँह पर बैठता है
उड़ जाने से पहले प्रेरणा को पकड़ना
जब एक जुगनू तुम्हारी बाँह पर बैठता है
जब तक पकड़ सको पकड़ लो
वह अपनी रोशनी अक्सर नहीं लाता
तो जब वह उतरे और बोले
अपनी अजीब बोली में
एक साधन ढूँढो
उसके काव्य के रहस्य
लिख लेने को
उसके उड़ जाने
से पहले
अपने शब्दों को लिए
अपने पंखों पर।
A poem by Pemba Umoja