अधूरा
पूर्ण रूप से अपूर्ण
हम सब अधूरे जीवन छोड़कर जाते हैं —
बिना रंगा कैनवास
सफ़ेदी के धब्बे
बिना सुधारे बूँदें
नदी किनारे कलाकारों की तरह
तूलिका हाथ में
हम बहते जाते हैं
सुंदरता से अधूरे।
A poem by Pemba Umoja
पूर्ण रूप से अपूर्ण
हम सब अधूरे जीवन छोड़कर जाते हैं —
बिना रंगा कैनवास
सफ़ेदी के धब्बे
बिना सुधारे बूँदें
नदी किनारे कलाकारों की तरह
तूलिका हाथ में
हम बहते जाते हैं
सुंदरता से अधूरे।
A poem by Pemba Umoja