भीतर के पेड़
वे जड़ें जो दिखती नहीं
हम जड़ें हैं
जिनसे शाखाएँ उगती हैं।
हम उन्हें देख नहीं सकते,
पर वे हैं वहाँ।
हमारी शाखाओं पर ही
आने वाली पीढ़ियाँ चढ़ती हैं।
बीती पीढ़ियों की
शाखाओं पर ही
हम ऊपर उठे हैं।
A poem by Pemba Umoja
वे जड़ें जो दिखती नहीं
हम जड़ें हैं
जिनसे शाखाएँ उगती हैं।
हम उन्हें देख नहीं सकते,
पर वे हैं वहाँ।
हमारी शाखाओं पर ही
आने वाली पीढ़ियाँ चढ़ती हैं।
बीती पीढ़ियों की
शाखाओं पर ही
हम ऊपर उठे हैं।
A poem by Pemba Umoja