उसके ख़याल

एक हृदय जो खुलता नहीं

उसके ख़याल — a poem by Pemba Umoja

वह एक कलाकार है

वह एक प्रेमिका है

वह मेरा संसार है

फिर भी वह किसी और संसार में रहती है

मैं उसे सच में नहीं जानता

शायद कभी जान भी न पाऊँ

क्या वह केवल एक स्वप्न है,

एक कल्पना?

क्या मैंने ही उसे रचा,

एक भाग सच,

एक भाग शाश्वत?

कोई बात नहीं

वह मेरा हृदय खींचती है

झटका देती है

ज़ोर से खींचती है

उस अर्गल पर

पर वह टस से मस नहीं होता।

Pemba Umoja की एक कविता