तंबोरेस की ताल

नाचो, झूमो, घूमो, तंबोरेस की लय पर।

तंबोरेस की ताल — a poem by Pemba Umoja

आओ सखा, मेरा गाल चूम लो!

एक बार उरुग्वे में।

दो बार अर्जेंटीना में।

तीन बार या ज़्यादा, अगर मस्ती

तुम पर छा जाए।

आओ नाचो, झूमो, घूमो इस

चाँदनी में, इस लय पर

तंबोरेस की।

यह लय गूँजती है; इसे विस्तार पाने दो

तुम्हारी आत्मा की सरहदों को—

तुम पर छा जाए, तुम्हारी जगह ले ले, तुम ही बन जाए।

आओ सखा, मेरा गाल चूम लो!

उरुग्वे के समुद्र किनारे—

el sol, la vida,

तंबोरेस की ताल।

Pemba Umoja की एक कविता