हाथ में पत्थर
जीवन का गढ़न
जीवन हमें बनाता है
एक चिकना पत्थर
हमारे कोनों को घिसता हुआ
एक-एक लहर के साथ।
हमें छोड़ जाता है
खुरदरा,
पर चिकना।
खुरदरा,
पर चिकना।
A poem by Pemba Umoja
जीवन का गढ़न
जीवन हमें बनाता है
एक चिकना पत्थर
हमारे कोनों को घिसता हुआ
एक-एक लहर के साथ।
हमें छोड़ जाता है
खुरदरा,
पर चिकना।
खुरदरा,
पर चिकना।
A poem by Pemba Umoja