किमोनी की राह

जहाँ राह खत्म होती है और ज़िन्दगी शुरू होती है।

किमोनी की राह — a poem by Pemba Umoja

किमोनी की राह आसान नहीं, पर यह सफ़र हमेशा सार्थक होता है।

वहाँ टुक-टुक मुस्कानों से चलते हैं
दिलों को हल्का करते
और कदमों को मज़बूत

समुद्र कभी दूर नहीं होता

और हमेशा होती है
ताड़ की डालियों की छाँव

रेत पर रखी डोंगियाँ

जाल बुनते मछुआरे

इंतज़ार करते बच्चे, कि थामें आपका हाथ
टहनियों के पुल पर

किमोनी में
राह खत्म होती है
जहाँ ज़िन्दगी शुरू होती है।

A poem by Pemba Umoja