सवाल
प्रेम और स्वयं की एक मौन प्रार्थना
क्या तुम उसे (उसको स्त्री) प्यार करते हो?
हाँ।
क्या तुम उसे (उसको पुरुष) प्यार करते हो?
हाँ।
क्या वह कभी-कभी तुम्हें खिझाती है?
हाँ।
और वह?
हाँ।
क्या तुम कभी खुद से ही चिढ़ जाते हो?
हाँ।
खुद पर नाराज़?
आगबबूला।
क्या वह कभी तुम्हें खुश करती है?
सातवें आसमान पर।
और वह?
हाँ।
क्या तुम खुद को क्षमा करते हो?
कभी-कभी।
क्या तुम उसे (स्त्री को) क्षमा करते हो?
क्या तुम उसे (पुरुष को) क्षमा करते हो?
कभी-कभी।
क्या तुम यह सब फिर से करोगे?
क्या तुम कोई और जीवन चाहोगे?
क्या तुम्हें लगता है कि वह बेहतर होता?
A poem by Pemba Umoja