एक घुमंतू आत्मा के नाम एक गीत
लंगर उठाओ, आगे बढ़ो
पसंदीदा जगहें रखो
पर वहाँ ज़्यादा देर
मत ठहरो
लंगर उठाओ
आगे बढ़ो
एक पंख बनो
अनुकूल हवाओं पर
दुनिया भर उड़ते हुए
एक टर्न पक्षी की तरह।
ऋतुओं का पीछा करते
बादलों के अंदर और बाहर
प्रवृत्तियों और सपनों
का अनुसरण करते हुए
A poem by Pemba Umoja