Mountain
चढ़ाई के लिए एक प्रार्थना-गान
पर्वत 90% मन है
और 90% देह है
90% मौसम है
पर्वत 100% से अधिक है
100%
200% से भी अधिक
पर्वत सबका सब है
हर पगध्वनि
उस पथ पर
जो स्वर्ग को जाता है
विचार
प्रार्थना से भरे
हर वस्तु को
पर्वत बना दो
जीवन भूलकर
केवल पर्वत है
पर्वत
इससे श्रेष्ठ कोई स्थान नहीं
मरने के लिए
पर्वत
इससे श्रेष्ठ कोई स्थान नहीं
जीने के लिए
Откуда горы
Все горы
Ты моя гора
山
Todo
Como tú
A poem by Pemba Umoja