चाँद
तुम्हारे प्रकाश में बँधी
कोमल आत्मा
अति ज्ञानी
चमकती हुई
मेरी आत्मा
तुम्हारे प्रकाश में बँधी
A poem by Pemba Umoja
तुम्हारे प्रकाश में बँधी
कोमल आत्मा
अति ज्ञानी
चमकती हुई
मेरी आत्मा
तुम्हारे प्रकाश में बँधी
A poem by Pemba Umoja