प्रेम
सतह के नीचे, वही चाह

वे सब लोग।
वे जो दाहिनी ओर हैं।
और वे जो बाईं ओर हैं।
वे जो आगे हैं। वे जो पीछे हैं।
वे जो पुल के नीचे तेज़ कारों में हैं।
वह कठोर दिखने वाला आदमी।
और वह मीठी सी छोटी लड़की।
वह आदमी जो अपनी कार का दरवाज़ा खोल रहा है।
वे मुस्कुराते मॉडल होर्डिंग पर।
वे स्नीकर्स में तेज़ चलती महिलाएँ।
वह आदमी बिना जूतों के लड़खड़ाता हुआ।
बस का चालक।
वह लड़का भीड़ भरी फुटपाथ पर साइकिल चलाता हुआ।
वे सब लोग। तुम। मैं। हम सब।
घमंड के नीचे। कठोरता। व्यंग्य। बुद्धिमत्ता। उदासीनता। धन और निर्धनता।
ढिठाई के पीछे। बड़े अहंकार। निगमों का काँच। अपशब्द। गोदने और बो टाई।
हम सब चाहते हैं।
हम सब सपना देखते हैं।
हम सब लगभग मर मिटें इसके लिए।
Pemba Umoja की एक कविता