प्रकाश की ओर

आत्मा का रूपांतरण

प्रकाश की ओर — a poem by Pemba Umoja

मैंने एक सपने में एक तितली देखी।
वह एक संदेशवाहक बनकर आई
मुझे याद दिलाने
कि मैं यहाँ हूँ,
कि हम सब यहाँ हैं
रूपांतरित होने के लिए।
हमारा कोकून जीवन है।
अंत में,
हम सबकी आत्माएँ
तितलियों की तरह उड़ती हैं।

A poem by Pemba Umoja