चक्रवात
चक्रवात की आँख

मैं लंबे समय से जिया हूँ
एक चक्रवात के उन्माद में।
बहुत बाद तक
उसके रोष में
मुझे अब भी रहना है।
लेकिन एक क्षण भर के लिए
जब उसकी आँख
मेरे ऊपर से गुज़री
मैंने सब कुछ साफ़ देखा।
Pemba Umoja की एक कविता
चक्रवात की आँख

मैं लंबे समय से जिया हूँ
एक चक्रवात के उन्माद में।
बहुत बाद तक
उसके रोष में
मुझे अब भी रहना है।
लेकिन एक क्षण भर के लिए
जब उसकी आँख
मेरे ऊपर से गुज़री
मैंने सब कुछ साफ़ देखा।
Pemba Umoja की एक कविता