टूटा हुआ फ़रिश्ता
संकल्प से बुना विश्वास
लड़खड़ाते फ़रिश्तों को
कभी-कभी
अपनी पकड़ छोड़नी पड़ती है
और अपने पंखों पर विश्वास करना होता है
विश्वास कि उनके पंख
काम करेंगे
भले ही वे हों
नम
मैले
और घिसे हुए
एक फ़रिश्ते का पंख
बना है कुछ और से भी
सिर्फ़ परों से नहीं
विश्वास
संकल्प से बुना हुआ
उन्हें मज़बूत बनाता है
एक फ़रिश्ता उड़ सकता है
चाहे कितना भी टूटा हुआ हो
A poem by Pemba Umoja