सबसे बड़ी लॉटरी
इंसान बनने के लिए पूरा ब्रह्मांड क़तार में इंतज़ार करता है।
वे हर आकार और रूप में आए
बड़े और छोटे ग्रहों से
छल्लों वाले और बिना छल्लों वाले
दृश्य और अदृश्य
यह थी
आख़िरकार
ब्रह्मांड की सबसे बड़ी लॉटरी।
क्या शानदार मौक़ा था!
अनंत काल में एक बार मिलने वाला अवसर!
एक जीवन भर के लिए इंसान होना
बस यही।
परम पुरस्कार
देह का होना
महसूस करना
चाहना
स्वाद चखना
इंसानी पैरों से नंगे पाँव चलना
घास, पानी, रेत, धरती पर
ऐसी चीज़ कौन चाहेगा?
हर कोई, हर जगह।
वे सभी जीव जो महसूस करना भूल गए हैं
वे सभी जीव जिन्होंने कभी जाना ही नहीं
क़तार लंबी है
यह ब्रह्मांड के एक छोर से दूसरे छोर तक फैली है।
A poem by Pemba Umoja